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खैरात में मिली हुई खुशी हमे पसंद नही है,
क्यूंकि हम गम में भी नवाब की तरह जीते है❣️


नाराजगी कभी वहाँ मत रखियेगा जहाँ..
आपको ही बताना पड़े की आप नाराज हो❣️


सफर सुहाना जो तुम साथ हो,
रहूँ दीवाना जो हाथों में हाथ हो
बस नहीं रही कोई आरज़ू दिल में,
जबसे मान लिया हमने मेरे पास तुम हो❣️



तुम ख़ामोशी की जुबां समझ लेते हो,
हमारी शाम को तुम सवार देते हो
तुम चाहे गुजारिश ना करो इस बात की,
हमे भी एतियात हैं तुम हमसे इश्क़ कर बैठे हो❣️


कुछ बचा ही नहीं अब खोने को,
अश्क भी निकलते नहीं अब रोने को ।❣️


मेरी कहानी में कई किरदार हैं
पर वो एक ही तो मुझे खुश रखता हैं
मेरी कहानी में कई दर्द हैं
पर ये दर्द ही तो मुझे ज़िंदा रखता हैं❣️


किस किस से छुपाऊ तुम्हें मैं
अब तो तुम मेरी मुस्कुराहट मे भी नजर आने लगे हो।।❣️


काल है यह कोरोना या कोई महाकाल है,
लगता है जैसे ख़ुदा का रचा महाजाल है।
संसार में आज घबराने की ज़रूरत नहीं,
"फ़क़ीरा" आज यहाँ हर कोई बेहाल है।❣️


उसको गले लगा कर जो बढ़ जाती थी धड़कने,
मुस्कुरा कर वो कहती थी डरपोक बहुत हों तुम।❣️


बेशक तुम्हारे चाहने वाले बहुत होंगे,
ये माना हमने पर...! 
कोई तुम्हारी नफ़रत से भी मुहब्बत करे ,
तो कहना हमें..!!


तलब एक ढलती शाम तुम्हारे साथ...
ख्वाहिश और कोई ना हो दरमियाँ...!!


अगर कोई हाथ पकड़ेगी तो थाम लूँगा ...
अब मैं पहली मोहब्बत का रोना नहीं रोऊँगा।


वो छा गए हैं मेरे चारों ओर कोहरे की तरह..
ना कुछ और दिखता है और ना देखने की चाहत है... !!!


ज़हर तो बिना मतलब के ही बदनाम है,
घुमा कर देख लो एक नजर दुनिया में
शक्कर से मरने वालों की तादाद बेशुमार हैं !❣️


जिस्म से रूह तक जाए तो हकीकत है इश्क
और रूह से रूह तक जाए तो इबादत है इश्क़❣️


“छोटे घरों में दिल करीब थे।
बड़े घर बंटवारा कर गए।”❣️


उलझने संभाल रक्खी है मैंने दिल में,
लोग समझते हैं बहोत सुकून में हूँ मैं......


हमें मोहब्बत बयान करने नहीं आता,
काश वो ख़ुद आकर हमसे कहते, कि
हमें आपके बिना जीना नहीं आता।।।
           

मझे आपकी चाहत हो गई
ये महफ़िल खूबसूरत हो गई
खुदा से रोज़ दुआ में बस आपको
मांगती हूं,
क्यों कि मझे आपसे बेइंतेहा मोहब्बत हो गई।।


जब हँस कर कह दूं की ठीक हूं मैं ,
तो समझ जाना रोने के बहुत क़रीब हूँ मैं।


जरूरी नहीं कि हर ताल्लुक का मतलब मोहब्बत हो,
कुछ रिश्ते मोहब्बत से ऊंचा मुकाम रखते है....!!!


इंतज़ार में ही "लज्जत ए इश्क"है......                                  
ठहर जाती है जिन्दगी मंजिले पाने के बाद....


लोग कहते हैं मुहब्बत में असर होता है,
कौन से शहर में होता है ? किधर होता है...??


बिन बोले जो तुम कहते हो 
बिन बोले ही वो सुन लूँ मैं, 
भरके तुमको इन आँखों में 
कुछ ख्वाब नए से बुन लूँ मैं।


कुछ तो है,
तेरे मेरे दरमियान,
नींद से जागते ही,
तेरा दीदार चाहिए।
इश्क़ की महफ़िल में,
तू हरदम मेरे करीब चाहिए।


कितना वक्त बीत गया..तीनों एक साथ नहीं मिले..!
हम, तुम..... और,और मोहब्बत अपनी....!!!!


वो मिल जाये मुझे, काश किसी बारिश की
बूंद की तरह...
अपने दिल में जगह बनाकर उसे छुपा लू मोतियो तरह...❣️


यूं तो रूबरू तुमसे दोबारा हम हुए नहीं कभी,
मगर सच में पहली मुलाक़ात के बाद,हम तुमसे जुदा हुए नहीं कभी।


आ बैठ करीब मेरे तुझ पर कुछ अल्फ़ाज़ लिखूं,
लिखूँ दिल का सुकून  तुझे या खुबसुरत ख़्वाब लिखूँ...


जिंदगी के फलसफे भी बडे अजीब हैं...
बसें हैं जो दिल में हमारे,वो किसी ओर के करीब हैं।


क्या खुब लिहाज रखा है ,हम दोनो ने प्यार का,,
दिल कि बात करनी हो तो शायरी-शायरी खेलते है,,,!!


तेरी वफाओं का समन्दर किसी और के लिए होगा,
हम तो तेरे साहिल से 
रोज प्यासे ही गुजर जाते हैं !!❣️


मुझे खुद पता नहीं रहता कि क्या है अब तो आदत हो गयी है इंतज़ार की, 
कुछ लिपटा सा रहता है बदन से मेरे शायद तेरी वो छुअन आखरी बार की।


जान देने को कहाँ मैनें, तो हसँ कर बोली ...!
तुम सलामत रहों, हर रोज मरने के लिए ...!!

 
मानी हर बात आँख मूँद जब तक,
फ़साना मोहब्बत का चला तब तक !❣️


ये क्या तुम फिर से ख़यालों में आ गए..!
सुबह, सुबह हमको कोई काम नहीं क्या..!


तेरी खामोशी में मेरी मोहब्बत बोलती है..... 
तेरे नाम के सजदे में.... मेरी इबादत बोलती है


रिश्ता ये कैसा...तेरा मुझसे.....................
जिंदगी तेरी है और सांसें मेरी चलती हैं 


किरदार महकता है उसका मोहब्बत से
हमारी ,,
बदन में उनके कोई गुलाब थोड़े ही है...!


इतना बेताब न हो मुझसे बिछड़ने के लिए,
तुझे आँखों से नहीं मेरे दिल से जुदा होना है...!!



किसी फूल ने इतनी खुशबू नहीं,
जितना मुझे में तुम महकती हो...❣️


मिलने की ख्वाहिश है दिल को तुमसे
भाग के आओ ना मिलने हमसे..! 😇


कर लूं जो क़ैद तुम्हें,,,,
 इश्क़ के दायरे में,,,,
 लोग जल जाएंगे,,,,
 तुम्हें मेरे,,,,
 इतना क़रीब देख कर...!!❣️



तुम्हारी आंखें पढ़ कर,
हमने ग़ज़लें सीखी है,
तुम्हारी मोहब्बत से,
हमने शायरी सीखी है,
जिक्र तुम्हारा करता भी नहीं,
फिर भी लोग पूछते हैं,
उसका नाम तो बताऊं,
जिससे तुमने यह बाते सीखी हैं।


तंग नहीं करते हम उन्हें आजकल,
ये बात उन्हें तंग करती है।।


मोहोब्बत है, तो शिकायत किस लिए? 
मोहोब्बत नहीं, तो शिकायत किस'से ?



वो मेरी कमज़ोरी ढूंढ रहे हैं....
अजीब है न, खुद को ढूंढ रहे हैं.....


कुछ इंतेजार का आँखों मे ता'उम्र रहना... ज़िंदगी जिने की वजह बन जाता है..!!


मेरे ज़हन से निकल ही नहीं सका वह शख्स..
नये महबूब से भी बातें पुरानी करनी पड़ी !!


सुने जाते न थे तुमसे मेरे दिन रात के शिकवे,
कफ़न सरकाओ मेरी बेज़ुबानी देखते जाओ.!!❣️


मैं ख्वाब देखना छोड रहा हूँ 
तुम हकीकत हो तो लौट आना एक दिन 


यूँ ही उम्मीद दिलाते है जमाने वाले,
कब लौट कर आते है छोड़कर जाने वाले ❣️


यकीनन तुमने तोडे होगें हजारौ बंधन हम तक  पहुचने के लिए.....पर रकीबों ने तुम्हारा रस्ता रोक लिया होगा. ❣️


उन्होंने वक़्त समझकर गुज़ार दिया हमको..
और हम उनको ज़िन्दगी समझकर आज भी जी रहे हैं..!!



तरक्की मिल रही है शायरी में हमें ,
तुम्हारा जिक्र मंहगा बिक रहा है!!


नफरत नहीं करूंगा तुमसे,
बस अनजान हो जाऊंगा...


मैं हकीकत सा नामंजूर..
तुम किसी अधूरे सपने की 
उम्मीद प्रिये...!!!


यकीनन तुमने तोडे होगें हजारौ बंधन हम तक  पहुचने के लिए.....पर रकीबों ने तुम्हारा रस्ता रोक लिया होगा❣️

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